हर पेरेंट्स की यह चाहत होती है कि उनके बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में किसी भी तरह की कोई कमी न आए। इसके लिए माता-पिता बच्चे को महंगे-महंगे खिलौने और अन्य चीजें खरीद कर देते हैं। लेकिन बच्चे का असली विकास महंगे खिलौने नहीं बल्कि आपके प्यार, समय और रोजमर्रा की छोटी-छोटी गतिविधियों से होता है। छोटे बच्चों का दिमाग तेजी से विकसित होता है। इस दौरान उनको सबसे ज्यादा जरूरत बातचीत और जुड़ाव की होती है। भले ही आपका बच्चा अभी ठीक से बोल न पा रहा हो, तब भी वह आपके शब्दों, आवाज और भावनाओं को समझने लगता है।
इन बातों का रखें ध्यान
कहानी सुनाना
जब आप बच्चे को कहानियां सुनाते हैं, तो उनकी कल्पनाशक्ति बढ़ती है। यह बच्चे के विकास में अहम रोल निभाता है। वह नए-नए विचारों से जुड़ते हैं। इसी तरह से लोरी या गाना सुनाना भी बच्चे को न सिर्फ खुशी देता है, बल्कि उनके दिमाग और भावनात्मक विकास में भी मदद करता है।
फिजिक एक्टिविटी
बच्चों के लिए खेलना सिर्फ टाइमपास नहीं होता है। बल्कि यह सीखने का प्राकृतिक तरीका है। जब बच्चा खेलता है तो वह अपने आसपास की दुनिया को समझता है। बच्चा इस दौरान चीजों को पहचानता है और नए कौशल सीखता है। फिर चाहे चित्र देखना हो, ब्लॉक्स खेलना हो या फिर आपके साथ कोई साधारण खेल खेलना है। हर एक्टिविटी बच्चे को कुछ नया सिखाती है।
बच्चे के साथ खेलना
बच्चों को सीखने के लिए किसी महंगे खिलौने या खास साधनों की जरूरत नहीं होती है। घर में मौजूद साधारण चीजों से भी बच्चे के साथ सीखने वाले मजेदार खेल खेल सकते हैं। जैसे कि तस्वीरें दिखाना, रोजमर्रा की चीजों को खेल में शामिल करना, रंग पहचानना आदि शामिल करना।
खेल के जरिए बच्चों का सीखना सबसे प्रभावशाली तरीका माना जाता है। यह तरीका न सिर्फ बच्चों को खुश रखता है, बल्कि उनको सक्रिय बनाता है और सीखने को मजेदार बना देता है। जब बच्चा कोई चीज खुशी-खुशी सीखता है, तो बच्चा उन चीजों को अच्छे से और लंबे समय तक याद रखता है।