Parenting Tips: Sibling Rivalry को कहें Good Bye, ये पेरेंटिंग टिप्स बच्चों में बढ़ाएंगे प्यार, घटेगी तकरार

By Ek Baat Bata | Feb 10, 2026

भाई-बहनों के बीच छोटे-मोटे झगड़े हर घर में देखने को मिलते हैं। बच्चों के बीच कभी खिलौने को लेकर बहस, कभी पढ़ाई के समय एक-दूसरे को चिढ़ाना आदि यह सब नॉर्मल बाते हैं। लेकिन जब बच्चों के बीच झगड़े बढ़ने लगते हैं, तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को समझदारी के साथ स्थिति संभालनी चाहिए। माता-पिता कुछ आसान और असरदार टिप्स अपनाकर न सिर्फ बच्चों के बीच प्यार बढ़ा सकते हैं, बल्कि घर में शांति का माहौल भी बनाए रखा जा सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भाई-बहन के बीच रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए कुछ असरदार टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

ऐसे शांत करवाएं भाई-बहन का झगड़ा


भावनाओं को मान्यता देना

अक्सर बच्चे इसलिए भी झगड़ते हैं, क्योंकि उनको लगता है कि उनकी फीलिंग्स को नहीं सुना जा रहा है। माता-पिता को चाहिए कि वह दोनों बच्चों की बात को ध्यान से सुनें और उनको ऐसा महसूस कराएं कि उनकी भावनाएं आपके लिए मायने रखती हैं।
 

तुलना करने से बचें

जब माता-पिता कहते हैं, 'देखो तुम्हारा भाई/बहन कितना अच्छा है' जैसी बातें बच्चों के बीच कॉम्पटिशन और जलन की भावना को बढ़ा सकती हैं। क्योंकि हर बच्चे की अपनी रुचियां और क्षमता होती है, इसलिए तुलना करने की बजाय उनकी अच्छाइयों और विशेषताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए।

बच्चों पर समान ध्यान दें

कई बार बच्चों में झगड़े इसलिए भी होते हैं, क्योंकि बच्चे को ऐसा लगता है कि पेरेंट्स किसी एक को अधिक महत्व देता है। बच्चों को बराबर समय और ध्यान देना जरूरी होता है। जिस कारण वह खुद को समान रूप से महत्वपूर्ण महसूस करें।

झगड़े में किसी का पक्ष न लें

अगर पेरेंट्स बार-बार किसी एक का पक्ष लेते हैं, तो दूसरा बच्चा असुरक्षित महसूस करने लगता है। प्रयास करें कि बच्चों के झगड़े में आप न्यूट्रल रहें और बच्चों को खुद ही सुलह करने के लिए प्रोत्साहित करें।

टीम एक्टिविटी

बच्चों को ऐसी एक्टिविटी में शामिल करें, जिसमें उनको मिल-जुलकर काम करना पड़े। जैसे घर के छोटे-मोटे काम, क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स और गेम्स आदि। इससे बच्चों के बीच आपसी समझ और सहयोग मजबूत होगी।

पॉजिटिव बिहेवियर

जब बच्चे साथ में मिल-जुलकर खेलते हैं या एक-दूसरे की मदद करते हैं, तो उनकी तारीफ जरूर करनी चाहिए। इसस वह दोबारा ऐसे ही पॉजिटिव बिहेवियर को दोहराने का प्रयास करेंगे।

तय करें नियम और सीमाएं

आपको घर में कुछ बेसिक नियम बनाने चाहिए। इन नियमों में अपमानजनक शब्द न कहना, मारपीट न करना आदि स्पष्ट होना चाहिए। बच्चो को समझाएं कि गुस्सा करना ठीक है, लेकिन गलत तरीके से नहीं।

पर्सनल स्पेस है जरूरी

बता दें कि हर बच्चे को अपना समय और प्राइवेसी चाहिए। अगर उनको लगता है कि उनकी पर्सनल स्पेस का सम्मान हो रहा है, तो वह ज्यादा शांत और समझदार बनेंगे।