प्रेग्नेंसी के दौरान मूड स्विंग्स की समस्या होना आम है। हालांकि बार-बार मूड बदलने के कारण महिलाएं परेशान हो जाती हैं। क्योंकि यह बेहद नाजुक समय होता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान महिला को जितनी शारीरिक समस्याएं होती हैं, उससे कहीं ज्यादा मानसिक समस्याएं होती हैं।
ऐसी एक समस्या प्रेग्नेंसी के समय मूड स्विंग है। यह एक ऐसी समस्या होती है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान और बाद में भी हो सकती है। जिसको पोस्टपार्टम मूड स्विंग्स के नाम से भी जानते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मूड स्विंग्स के लक्षण और इस समस्या से निजात पाने के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।
मूड स्विंग्स के लक्षण
हर महिला में मूड स्विंग्स के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन कुछ फीलिंग्स अधिकतर प्रेग्नेंट महिलाओं में पाई जाती हैं।
इस दौरान बिना किसी बात के मन उदास हो जाता है या फिर बेवजह खुश हो जाता है।
कई बार प्रेग्नेंसी ब्रेन की समस्या भी हो सकती है। जिसमें चीजें भूल जाना आम बात होती है, मतलब उनकी याददाश्त कमजोर हो जाती है।
मूड स्विंग्स होने के दौरान गुस्सा और चिड़चिड़ापन आना लाजमी है।
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं बच्चों की सेफ्टी के लिए साफ-सफाई पर अधिक ध्यान देने लगती हैं। बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण उनको क्लीनिंग अच्छी लगती है।
ऐसे पाएं मूड स्विंग्स से छुटकारा
डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
मूड स्विंग की समस्या से निजात पाने के लिए आप डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर सकती हैं। इसके लिए किसी शांत जगह पर बैठकर गहरी सांस लें, 5 सेकेंड्स के लिए रुकें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। 10 से 15 बार इस तरह से करें और डॉक्टर भी इसकी सलाह देते हैं। अगर डिलीवरी के बाद मूड स्विंग्स की समस्या है, तो रोजाना 10-15 मिनट वॉक करना फायदेमंद हो सकता है।
फाइबर युक्त डाइट
प्रेग्नेंसी में मूड स्विंग्स से बचने के लिए डाइट में फाइबर युक्त चीजों को शामिल करना चाहिए। सब्जियों और ताजे फलों का सेवन करें। क्योंकि फाइबर तनाव को कम करता है और शरीर को भी ऊर्जा देता है। डिलीवरी के बाद मूड स्विंग्स से बचने के लिए आप अपनी डाइट में कैल्शियम, मिनरल्स, विटामिन्स और आयरन को शामिल करें।
पर्याप्त नींद है जरूरी
प्रेग्नेंसी के दौरान अगर आप 7-8 घंटे की नींद लेती हैं, तो मूड स्विंग्स की समस्या से परेशान नहीं होंगी। नींद पूरी होने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और आपकी सोच पॉजिटिव रहती है। पर्याप्त नींद लेने से तनाव भी दूर रहता है।
खूब पानी पिएं
बार-बार मूड बदलने का एक कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। पानी की कमी से चिड़चिड़ापन और गुस्सा आने लगता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए दिन भर कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। आप फ्रूट जूस, नींबू पानी और वेजिटेबल्स जूस का भी सेवन कर सकती हैं।
हरियाली में बिताएं समय
प्रेग्नेंसी के दौरान शाम के समय घास में नंगे पैर टहलने का प्रयास करें। हरियाली वाली जगह पर समय बिताएं। इससे आप मूड स्विंग्स से बच सकती हैं। साथ ही अपने आसपास का वातावरण पॉजिटिव रखें और निगेटिव चीजों से दूरी बनाएं।