Late Pregnancy Complications: 30 के बाद कर रही हैं Family Planning, जानें Late Pregnancy से जुड़े Health Complications

By Ek Baat Bata | Jan 29, 2026

आजकल महिलाएं करिय़र, लाइफस्टाइल और पर्सनल प्रायोरिटी के कारण देर से शादी और प्रेग्नेंसी प्लान करती हैं। लेकिन अक्सर 30 की उम्र के बाद महिलाओं को प्रेग्नेंसी से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर की मानें, तो उम्र बढ़ने के साथ ही महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव और रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर पड़ता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि महिलाएं समय रहते सही जानकारी लें और प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले अपनी सेहत पर खास ध्यान दें।

गायनोलॉजिस्ट के अनुसार, 30 साल के बाद महिलाओं की पीरियड साइकिल में बदलाव आता है। इस कारण से ऑव्यूलेशन ठीक से नहीं हो पाता है। वहीं जब ऑव्यूलेशन नियमित नहीं होता है, तो फिर कंसीव करने में दिक्कत आती है। वहीं इस उम्र में AMH लेवल भी कम होने लगता है। दरअसल, यह हार्मोन ओवरी रिजर्व यानी की अंडों की संख्या और क्वालिटी को दर्शाता है। लेकिन जब AMH लेवल गिरने लगता है कि फर्टिलिटी कम हो जाती है और प्रेग्नेंसी होने में देरी लग सकती है।

हार्मोनल बदलाव और अनियमित पीरियड्स

महिलाओं में 30 साल की उम्र के बाद हार्मोनल असंतुलन एक आम समस्या बन जाती है। हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से कभी पीरियड्स जल्दी तो कभी देर से आते हैं। पीरियड्स अनियमित होने के कारण सही समय पर प्रेग्नेंसी प्लान करना मुश्किल हो सकता है। वहीं हार्मोनल इंबैलेंस कई बार PCOS जैसी समस्याओं को भी पैदा कर देता है। जिससे गर्भधारण करना अधिक कठिन हो जाता है।

30 के बाद प्रेग्नेंसी से जुड़ी चुनौतियां 

बढ़ती उम्र के साथ ही अंडे की गुणवत्ता घटने लगती है।
 
रिसर्च के हिसाब से 30 साल की उम्र के बाद मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है।
 
बढ़ती उम्र के साथ ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और थायरॉइड जैसी समस्याएं भी प्रेग्नेंसी को कॉम्प्लिकेटेड बना सकती हैं।
 
कई बार नेचुरल तरीके से गर्भधारण न कर पाने पर आर्टिफिशियल रिप्रोडक्टिव तकनीक का सहारा लेना पड़ता है।

प्रेग्नेंसी के लिए सही उम्र

एक्सपर्ट के अनुसार, महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी के लिए सबसे उपयुक्त उम्र 25 से 30 साल मानी जाती है। इस दौरान महिला का शरीर हेल्दी होता है, अंडों की क्वालिटी बेहतर होती है और हार्मोनल बैलेंस भी सही रहता है। लेकिन हर महिला की हेल्थ कंडीशन अलग-अलग होती है। इसलिए डॉक्टर से कंसल्ट करके ही फैमिली प्लानिंग करना सबसे अच्छा ऑप्शन है।

30 के बाद हेल्दी प्रेग्नेंसी

समय-समय पर फर्टिलिटी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
संतुलित डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना चाहिए।
तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन और योग का सहारा लें।
स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाएं।
वहीं जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से इलाज लें।

आज के समय में देर से शादी और करियर प्रायोरिटी की वजह से 30 के बाद प्रेग्नेंसी का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। लेकिन इस उम्र में शरीर में होने वाले बदलावों और संभावित दिक्कतों को समझना बेहद जरूरी होता है। सही समय पर मेडिकल कंसल्टेशन, फर्टिलिटी चेकअप्स और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से महिलाएं 30 साल की उम्र के बाद भी हेल्दी और सुरक्षित प्रेग्नेंसी पा सकती हैं।