पुराने समय में तमाम बीमारियों से बचाव के लिए आयुर्वेद इलाज लिया जाता था। यह भारत के पुराने इलाज का तरीका है। जोकि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। वहीं हमारी दादी-नानी घरेलू नुस्खे आजमाती थीं। घरेलू नुस्खा दादी-नानी की रसोई और नुस्खों में बसा है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको दादी-नानी सालों से अपनाती आई हैं और अब साइंस भी इन नुस्खों को मान्यता दे रहा है।
दादी-नानी के 6 सबसे खास नुस्खे
हल्दी वाला दूध
हल्दी वाला दूध नेचुरल एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। सर्दी-जुकाम की समस्या होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन करना चाहिए। साइंस के मुताबिक हल्दी में कर्क्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जोकि एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण से भरपूर होता है। हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी बढ़ाने और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
अजवाइन का पानी
पेट की कई परेशानी का घरेलू उपाय है, अजवाइन का पानी। मेडिकल रिसर्च के मुताबिक अजवाइन में थायमोल नामक तत्व पाया जाता है, जोकि अपच, गैस और पेट दर्द में राहत देता है।
शहद और अदरक
शहद और अदरक दोनों ही खांसी का घरेलू इलाज मानी जाती है। एक चम्मच शहद में थोड़ा सा अदरक का रस मिलाकर खाने से खांसी की समस्या दूर होती है। साइंस में बताया गया है कि शहद गले को कोट करता है और अदरक में एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं, जोकि खांसी को जल्दी ठीक करता है।
लहसुन
दादी-नानी रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन खिलाती थीं। रिसर्च की मानें, तो लहसुन में एलिसिन नामक तत्व पाया जाता है, जोकि कोलेस्ट्रॉल कम करता है और दिल की बीमारियों से बचाता है।
नींबू पानी
नींबू पानी बॉडी को डिटॉक्स करने का सबसे आसान तरीका है। सुबह-सुबह नींबू पानी पीने से शरीर साफ होता है। नींबू में विटामिन सी पाया जाता है, जोकि एंटीऑक्सीडेंट्स की तरह काम करता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है।
तेल मालिश
नानी-दादी हर सप्ताह सरसों या फिर नारियल तेल से मालिश करती थी। रिसर्च की मानें, तो तेल से मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और तनाव कम होता है। साथ ही इससे नींद भी अच्छी आती है।