By Ek Baat Bata | Sep 28, 2026
प्रेग्नेंसी का हर महीना बेहद खास और नाजुक होता है। प्रेग्नेंसी में अच्छी देखरेख करने से होने वाले कई कॉम्प्लीकेशन्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वहीं इस दौरान हल्की सी लापरवाही मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में अपना रूटीन और डाइट कैसी रखनी चाहिए, जिससे कि डिलीवरी के समय होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
प्रेग्नेंसी में मूड स्विंग्स होना आम बात है, कभी तीखा और चटपटा खाने का दिल करता है, तो कभी मीठा खाने का दिल करता है। कभी चिकन-मटन खाने को दिल ललचाता है। यह सब तो फिर भी ठीक है, लेकिन प्रेग्नेंसी में सी फूड खाने से बचना चाहिए। क्योंकि सी फूड में ओमेगा 3 की भरपूर मात्रा होती है, वहीं प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में ओमेगा 3 को पचाने में समस्या हो सकती है, जिस कारण परेशानी बढ़ सकती है।
इसके अलावा इस दौरान जंक और ऑयली फूड से भी दूरी बनानी चाहिए। चटपटा, तीखा और मसालेदार खाना पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
एसिडिटी की समस्या से बचने के लिए कम चाय-कॉफी पीना चाहिए।
वहीं इस दौरान एल्कॉहल का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। वैसे हेल्थ एक्सपर्ट प्रेग्नेंसी की शुरूआत में ही इसकी सलाह दे सकते हैं।
प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में कैल्शियम रिच डाइट लेना चाहिए, इससे बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं। वहीं कैल्शियम का भरपूर इंटेक लेने से प्रेग्नेंसी के बाद जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है। इसलिए अपनी डाइट में संतरा, दूध, तिल और दही आदि शामिल करना चाहिए।
प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में बच्चे का पूरा विकास हो जाता है, जिस कारण बच्चे का वेट भी बढ़ चुका होता है। ऐसे में इस दौरान अगर आपको पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, तो इस समस्या से बचने के लिए डाइट में फाइबर रिच फूड्स लेने चाहिए।