दादा-दादी का प्यार, संस्कार, अनुभव और साथ बच्चे की परवरिश में अहम भूमिका निभाता है। हर बच्चा अपने दादा-दादी से काफी कुछ सीखता है। वहीं दादा-दादी भी बच्चे को संसार की हर खुशी देना चाहते हैं। लेकिन कई बार दादा-दादी जाने-अंजाने में कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जो बच्चे की सोच और व्यवहार पर बड़ा असर डालती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उन 5 गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको करने से बचना चाहिए।
दादा-दादी न करें ये गलतियां
हर बात मानना
अक्सर दादा-दादी बच्चे की हर जिद को मान लेते हैं, जिससे कि बच्चा खुश रहे। लेकिन इस चक्कर में बच्चा अपनी सीमाएं और अनुशासन नहीं सीख पाता है। अगर बच्चे को हमेशा 'हां' मिलेगी, तो वह 'न' सुनने की आदत को खो देगा। यही आदत आगे चलकर उसको जिद्दी और असहयोगी बना सकती है।
दूसरों से तुलना करना
अपने बच्चे की तुलना किसी दूसरे बच्चे से करना गलत आदत है। इससे बच्चे के मन में हीन भावना और जलन पैदा हो सकती है, जो धीरे-धीरे उसके आत्मविश्वास को कम कर सकती है। क्योंकि हर बच्चा अलग होता है। इसलिए बच्चे की तुलना करने की बजाय उसकी खूबियों की सराहना करनी चाहिए।
रूटीन तोड़ना
कई बार प्यार में दादा-दादी बच्चे का रूटीन बिगाड़ देते हैं। जैसे- जंक फूड देना, देर रात जगाना या फिर पढ़ाई के समय टीवी लगाना। इससे बच्चे की सेहत, नींद और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर बुरा असर होता है।
पेरेंट्स को नीचा दिखाना
अगर दादी-दादा बच्चे के सामने उसके पेरेंट्स की बुराई करते हैं, या फिर उनको डांटते हैं। तो इससे बच्चे के मन में भी अपने पेरेंट्स के प्रति सम्मान कम हो जाता है।
रिश्वत देकर काम कराना
हालांकि यह बातें सुनने में आम लगती हैं। लेकिन बच्चे को लालच देकर हर काम कराने से बच्चा इनाम के लिए हर काम करने लगता है। इससे वह जरूरी चीजों को भी बिना किसी रिवॉर्ड के नहीं करेगा।