Parenting Hacks: बच्चों की लड़ाई से घर बना 'War Zone'? अपनाएं ये Smart Parenting Tips, तुरंत दिखेगा असर

By Ek Baat Bata | Jun 03, 2026

लगभग हर घऱ में भाई-बहन के बीच छोटे-मोटे झगड़े देखने को मिलते हैं। बच्चों में कई बार पढ़ाई के समय एक-दूसरे को चिढ़ाना, खिलौनों को लेकर बहस करना यह सब नॉर्मल चीजें हैं। लेकिन अगर बच्चों के बीच झगड़े बढ़ने लगते हैं, तो इससे घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को समझदारी के साथ स्थिति को संभालना चाहिए। आप पेरेंटिंग के कुछ आसान और असरदार टिप्स अपनाकर न सिर्फ बच्चों के बीच प्यार बढ़ा सकते हैं, बल्कि घर में भी शांत माहौल बनाए रख सकते हैं।

कैसे शांत कराएं भाई-बहन का झगड़ा

अक्सर बच्चे इसलिए भी झगड़ते हैं, क्योंकि उनको लगता है कि उनकी भावनाओं को नहीं सुना जा रहा है। ऐसे में पेरेंट्स को चाहिए कि दोनों बच्चों की बातों को ध्यान से सुनें। वहीं बच्चे को महसूस कराएं कि आपके लिए उनकी भावनाएं भी मायने रखती हैं।

जब पेरेंट्स बोलते हैं कि देखो आपका भाई या बहन कितना अच्छा है, तो यह बातें बच्चे में ईर्ष्या और कॉम्पिटिशन को बढ़ा सकती हैं। पेरेंट्स को यह समझना होगा कि हर बच्चे की अपनी क्षमता और इंट्रेस्ट होता है। इसलिए पेरेंट्स को तुलना करने की बजाय बच्चे की विशेषताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए।

कभी बार बच्चों के बीच इसलिए भी झगड़े होते हैं, क्योंकि बच्चे को लगता है कि पेरेंट्स किसी एक को ज्यादा महत्व देते हैं। इसलिए माता-पिता बच्चे को बराबर समय और ध्यान देना चाहिए। जिससे बच्चा खुद को समान रुप से महत्वपूर्ण महसूस कर सकें।

अगर माता-पिता किसी एक पक्ष बार-बार लेते हैं, तो दूसरा बच्चा ज्यादा असुरक्षित महसूस करता है। इसलिए बच्चों के झगड़े में न्यूट्रल रहने की कोशिश करें। वहीं बच्चे को खुद ही सुलह करने के लिए प्रोत्साहित करें।

बच्चों को ऐसी एक्टिविटी में शामिल करना चाहिए। जिसमें उनको मिलकर काम करना पड़े। घर के छोटे-छोटे काम, क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स और गेम्स आदि। इससे बच्चों के बीच सहयोग और आपसी समझ बढ़ेगी।

जब बच्चे मिल-जुलकर खेलते हैं या फिर एक-दूसरे की मदद करते हैं। तो माता-पिता को उनकी तारीफ जरूर करना चाहिए। जिससे वह दोबारा पॉजिटिव व्यवहार रखें।

पेरेंट्स को घर में कुछ बेसिक नियम जैसे - अपमानजनक शब्द नहीं कहना और मारपीट नहीं करना आदि स्पष्ट रखने चाहिए। बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि गुस्सा करना ठीक है, लेकिन गलत तरीके से गुस्सा करना सही नहीं है।

हर बच्चे को अपनी प्राइवेसी और समय चाहिए होता है। अगर उनको लगता है कि उनकी पर्सनल स्पेस का सम्मान हो रहा है, तो वह ज्यादा समझदार और शांत बनते हैं।