इन दिनों गाइनेकोलोजिस्ट के पास महिलाओं में अंडों की संख्या और क्वालिटी में गिरावट आने की समस्या सबसे ज्यादा आ रही है। 30 साल से अधिक उम्र वाली महिलाओं में अंडे कम होने शुरू हो जाते हैं। वहीं 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते इनमें तेजी से कमी आती है। जिसकी वजह से प्रेग्नेंसी में प्रॉब्लम होने लगती है। ऐसे में आप अपनी डाइट में कुछ बदलाव कर आवेरियन रिजर्व यानी की अंडों की संख्या और क्वालिटी दोनों में ही सुधार कर सकती हैं। इन चीजों के सेवन से प्रेग्नेंसी के चांसेज बढ़ जाते हैं।
पत्तेदार सब्जियां
बता दें कि पत्तेदार सब्जियों में ढेर सारा फोलेट पाया जाता है, जो न्यूरल ट्यूब में आने वाली समस्याओं को रोकता है और हेल्दी ओव्यूलेशन को बढ़ावा देता है। पत्तेदार सब्जियों में मौजूद फोलेट अंडे की क्वालिटी को बढ़ाता है और पीरियड साइकिल को रेगुलेट करा है।
ड्राई फ्रूट्स
ड्राई फ्रूट्स जैसे अखरोट, बादाल और चिया सीड्स में विटामिन ई, फैटी एसिड और ओमेगा 3 पाया जाता है। यह हार्मोन को कंट्रोल करने और रिप्रोड्टिव अंगों में ब्लड फ्लो को बेहतर बनाते हैं। इसमें अंडे की गुणवत्ता और स्पर्म दोनों में सुधार करता है।
बेरीज
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह आपकी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव और क्षति से बचाते हैं। साथ ही यह सेलुलर सुरक्षा अंडों को टूटने से बचाते हैं और हार्मोन के लेवल में सुधार करने के साथ फर्टिलिटी बेहतर करते हैं।
एवोकाडो
एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड फैट, फोलेट और विटामिन ई भरपूर पाया जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व हार्मोन को संतुलित करने, ओव्यूलेशन का समर्थन करने और समग्र प्रजनन कार्य को बेहतर बनाते हैं। वहीं यह प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण फूड है।
शकरकंद
बता दें कि शकरकंद में बीटा कैरोटीन और विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका सेवन पीरियड्स को रेगुलेट करने के साथ हेल्दी ओवुलेशन को भी सपोर्ट करता है। शकरकंद का पोषक तत्व घनत्व हार्मोनल बैलेंस और प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।