Emotional Health बचाने के लिए Toxic Partner के दखल और दबाव को कहें ना

By Ek Baat Bata | Oct 12, 2026

किसी के साथ रिलेशनशिप में आना आसान होता है, लेकिन उस रिश्ते से बाहर निकलना मुश्किल लगने लगता है। कई बार हम जानते हैं कि कोई रिश्ता हमें भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बाद भी हम उस रिश्ते से दूर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। खासतौर पर जब आपका पार्टनर टॉक्सिक होता है। अकेलेपन के डर और प्यार या भविष्य की चिंता हमें उसी रिश्ते में बांधे रखती है। अगर आप किसी टॉक्सिक रिलेशनशिप से बाहर निकलना चाहती हैं, लेकिन पहला कदम उठाने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं, तो हम आपको ऐसे रिश्तों से बाहर निकलने के पांच तरीके बताने जा रहे हैं।

कैसे समझें रिश्ता टॉक्सिक है

कई बार हम किसी के व्यवहार के इतने आदी हो जाते हैं कि हमें यह भी पता नहीं चलता है कि वह असल में कितना ज्यादा नुकसानदायक है। इसलिए व्यवहार के तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। क्या वह आपको ऐसे काम करने के लिए मजबूर करते हैं, जोकि आपके मूल्यों के खिलाफ हैं। क्या वह बार-बार उन सीमाओं को पार करते हैं, जिनके बारे में आपने पहले खुलकर बताया है। तो क्या वह अपनी जिम्मेदारी को लेने से बचते हैं और अपनी समस्याओं के लिए हमेशा दूसरों को जिम्मेदार ठहराते हैं। जब कोई व्यक्ति रिश्ते को साफ तौर पर समझने लगता है, तो वह यह तय कर सकता है कि दूसरा आपकी जिंदगी में कितनी दखल दे सकता है।

लिमिटेड बातचीत करें

सीमित बातचीत करने का यह मतलब नहीं है कि उनसे बिल्कुल भी संपर्क न रखा जाए। हालांकि कभी-कभी ऐसा करना न तो मुमकिन होता है और न ही जरूरी। लेकिन जब कोई व्यक्ति यह समझ जाता है कि किसी का उस पर बुरा असर पड़ रहा है, तो व्यक्ति यह सोच-समझकर तय कर सकता है, उसको उस व्यक्ति के साथ कितना समय बिताते हैं।

अनकंफर्ट महसूस करना सीखें

जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से दूरी बनाना शुरूकर देते हैं, जो हमेशा आपकी जिंदगी में आसानी से दखल देता रहा है। तो वह आपको असहज महसूस करा सकता है। जब आप उनको न कहना शुरू कर देंगे, तो सामने वाला नाराज हो सकता है। या फिर आपको गिल्टी महसूस कराने की कोशिश कर सकता है। लेकिन अगर आप खुद को भावनात्मक रूप से खुद को अलग करना चाहती हैं, तो आपको इस असहजता को सहना सीखना होगा। हर बार असहज महसूस होने पर उसको फौरन खत्म करने की कोशिश न करें।

बुरे रिश्तों में भी कुछ अच्छी बातें

एक ही समय पर दो बातें सच हो सकती हैं। हो सकता है कि आपने उस व्यक्ति से प्यार किया हो, उसकी परवाह की हो और कई अच्छे पल बिताए हों। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रिश्ता पूरी तरह से हेल्दी था। अक्सर यही कारण है कि किसी से भावनात्मक दूरी बनाना मुश्किल लगता है। ऐसे में हम उस व्यक्ति की अच्छी यादों को याद करके ऐसे व्यवहार को नजरअंदाज करने लगते हैं, जो हमको बार-बार दुख पहुंचा रहा होता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आप किसी रिश्ते की अच्छी बातों की कद्र कर सकते हैं। लेकिन उस कारण से खुद को तकलीफ देने वाले व्यवहार को सहते रहना जरूरी नहीं है।

बदलने का इंतजार करना छोड़ें

कई बार आपको वह माफी भी नहीं मिलती है, जिसकी आप उम्मीद कर रहे होते हैं। सामने वाला व्यक्ति हो सकता है कि यह कभी न समझ पाए कि उसने आपको कितना दुख पहुंचाया है। यह भी संभव है कि वह कभी वैसा न बने, जैसा आप उसको बनते देखना चाहत थे। लेकिन मानसिक शांति और खुशी को चुनने के लिए आपको उनकी समझ या फिर मंजूरी की जरूरत नहीं है।