By Ek Baat Bata | Sep 18, 2026
पहले के समय में जब भी हमें तेज जुकाम, सर्दी या खांसी की समस्या होती थी, तो हमारी दादी-नानी तुलसी की चाय या तुलसी का काढ़ा पीने को देती थीं। यह नुस्खे काफी जल्दी राहत पहुंचाते हैं। वहीं जब चोट लग जाती थी, तो सबसे पहले हल्दी वाला दूध दिया जाता था। खांसी की समस्या होने पर अदरक और शहद का नुस्खा आज भी उतना ही कारगर है। यह आसान घरेलू नुस्खे पीढ़ियों से लोगों के बीच में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
वहीं आज के समय में भी कई घरेलू नुस्खे ऐसे हैं, जिनको सिर्फ दादी-नानी ही नहीं बल्कि डॉक्टर भी उपयोगी मानते हैं। इन नुस्खों में फल, शहद, नेचुरल तेल और कई जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। जोकि सर्दी-खांसी जैसी सामान्य परेशानियों से राहत दिलाने का काम करता है। हालांकि अगर इनका सही मात्रा में और सही तरीके से सेवन नहीं किया जाए, तो इनके साइड इफेक्ट भी न के बराबर होते हैं। लेकिन किसी भी चीज का सही मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए, वरना ये फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वहीं इन पारंपरिक घरेलू उपायों को लेकर धीरे-धीरे लोगों के बीच जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे ही दादी-नानी द्वारा आजमाए हुए कुछ असरदार और घरेलू नुस्कों में सेंधा नमक और नींबू शामिल है। किचन में पाई जाने वाली ये दोनों चीजें आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
सेंधा नमक नेचुरल मिनरल्स से भरपूर होता है और इसमें आम सफेद नमक की तुलना में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। सेंधा नमक पाचन क्रिय को बेहतर बनाता है और अगर नींबू के रस के साथ पानी में मिलाकर इसका सेवन किया जाता है, तो गैस की समस्या से राहत मिल सकती है। वहीं इसका सेवन करने से डकार आने लगती है और पेट में फंसी गैस भी निकलने में आसानी होती है। इसके अलावा यह नुस्खा पेट फूलने यानी की ब्लोटिंग में भी काफी कारगर है।
जो लोग हार्ट पेशेंट हैं और जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या रहती है, उनको इस नुस्खे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस समस्या से जूझने वाले लोगों को कम नमक खाने की सलाह दी जाती है।