Partner Ka Jhoot Kaise Pakdein: Relationship में Partner दे रहा है धोखा, ये 3 Red Flags तुरंत खोल देंगे सारे राज़

By Ek Baat Bata | Feb 21, 2026

झूठ एक ऐसी चीज है, तो दोस्ती से लेकर प्यार तक सभी में दरार लाने का काम करती है। इसकी वजह से पुराने से पुराने रिश्ते पल भर में खत्म हो सकते हैं। क्योंकि हर रिश्ते को मजबूत रखने के लिए भरोसे और ईमानदारी की जरूरत होती है। जहां भी भरोसा और ईमानदारी थोड़ा सा भी कम होता है, वहां रिश्ते पटरियों से उतरने लगती हैं। ऐसे में कई लोगों का यह सवाल रहता है या उनको ऐसा लगता है कि उनका पार्टनर उनसे झूठ बोल रहा है। लेकिन भरोसे की वजह से वह झूठ को भी सच मान लेते हैं। ऐसे में यकीन करने वाला व्यक्ति पर भविष्य में मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे में आप इन टिप्स की मदद से यह पता लगा सकते हैं कि आपका पार्टनर सच बोल रहा है या झूठ।

ऐसे लगाएं पता पार्टनर सच बोल रहा है या झूठ

जब भी कोई अपने पार्टनर पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करता है। उसको बाद में पता चलता है कि उनका पार्टनर उनसे बहुत झूठ बोल चुका है। इससे रिश्ता टूट जाता है और व्यक्ति दोबारा किसी पर भरोसा नहीं कर पाता है। ऐसे में आप कुछ बेहतर टिप्स अपनाकर यह पता लगा सकते हैं कि सामने वाला आपसे कितना सच बोल रहा है और कितना झूठ।

एक्सपर्ट की मानें, तो जो लोग अपनी बात को रखने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं। वह सामने वाले से नजरें नहीं मिला पाते हैं। अगर आपका पार्टनर आपसे बात करते समय बार-बार नजरें नीचे करता है, या फिर इधर-उधर देख रहा है। या फिर सामान्य से ज्यादा पलकें झपका रहा है। तो इसका मतलब हो सकता है कि वह आपसे झूठ बोल रहा है या कुछ छिपा रहा है।

घूमा-फिराकर जवाब देना

जब भी कोई झूठ बोलता है कि वह किसी भी सवाल का जवाब सीधे तरीके से नहीं दे पाता है। या फिर वह उस सवाल से बचने की कोशिश करता है। मुख्य सवाल से बचने के लिए वह आपको घुमा-फिराकर जवाब देगा या फिर लंबा चौड़ा जवाब देगा। जिससे कि सामने वाले को उसका जवाब सच्चा लगे। अगर आपके पार्टनर भी ऐसी हरकतें करता है, तो हो सकता है कि वह पूरी सच्चाई नहीं बता रहा है या फिर आपसे कुछ छिपा रहा है।

फोन लेने पर बेचैन होना

अगर आपका पार्टनर फोन देने पर अचानक से बहाने बनाने लगता है या फिर फोन में प्राइवेसी कोड लगा दे या फोन देने पर बेचैन होने लगे। इस स्थिति में सबसे ज्यादा चांस है कि आपका पार्टनर आपसे कुछ छिपा रहा है। यह ठीक बात है कि हर किसी को अपनी प्राइवेसी का हक होता है। लेकिन अगर अचानक से यह बदलाव आता है और पहले के व्यवहार से बिल्कुल अलग है, तो इसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।